Friday, 14 July 2017

15 August Special Images 2017 || 15 August Desh Bhakti Kavita 2017

15 August Special Images 2017 || 15 August Desh Bhakti Kavita

HELLO, dear friends In this year we are making special. In this year we are celebrating 71st Independence Day. In this post, We have Best of best and special IMAGES collection on 15 August 2015.
this very biggest day for India in this India freedom from British Company. 15 August is national holiday in India. In this day everyone celebrates at home, office, schools, and university. many Indian people MARTYR for India freedom like Bhagat Singh, Sukhdev, Rani Lakshmi Bai and many indian People. I have also Happy Independence Day Picture 2017 so come on this link "15 August 2017 Pictures || India Independence Day 2017 Images And Pictures"and share with you friends


15 August Desh Bhakti Kavita 2017

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Heart Touching Desh Bhakti Poem on Independence Day


1) Desh Bhakti Poem in Hindi Language

लाल रक्त से धरा नहाई,
श्वेत नभ पर लालिमा छायी,
आजादी के नव उद्घोष पे,
सबने वीरो की गाथा गायी,
गाँधी ,नेहरु ,पटेल , सुभाष की,
ध्वनि चारो और है छायी,
भगत , राजगुरु और , सुखदेव की
क़ुरबानी से आँखे भर आई ||
ऐ भारत माता तुझसे अनोखी,
और अद्भुत माँ न हमने पाय ,
हमारे रगों में तेरे क़र्ज़ की,
एक एक बूँद समायी .
माथे पर है बांधे कफ़न ,
और तेरी रक्षा की कसम है खायी,
सरहद पे खड़े रहकर,
आजादी की रीत निभाई.
Swatantrata Diwas Ki Hardik Shubhkamna

 

2) Desh Bhakti Poem in Hindi Language

किस्मत हमारी लटक रही है जैसे पाव में पायल ,
भारत माँ विलख रही है जैसे दीन-दुखी घायल ,
जिस आँचल में पले- बढे उसमे बम- गोले फुट रहे है ,
एक सिरे से खुद बेटा दूसरे से दुश्मन लूट रहे है ,
रूह काँप उठता है देखकर हालत वर्तमान की ,
देखो क्या है हालत विधाता मेरे हिन्दूस्तान की|
जहा सोने की चिड़िया रहती वो भारत मेरा बगीचा था ,
जिसको खुद 'बिस्मिल' ने अपने खुनो से सिंचा था ,
जिसने भारत माँ की सेवा में कुर्बान किया जवानी को ,
उसकी अम्मा क्यों तड़प रही आज बून्द-बून्द पानी को ,
जनता भटक रही है खोज में रास्ता इससे निदान की ,
देखो क्या है हालत विधाता मेरे हिन्दूस्तान की||
जो कल तक वादा कर रहे थे हम लिखेंगे तक़दीर ,
वो आज संसद जाते ही हरने लगे संविधान की चिर ,
जिसको अपना रक्षक समझकर बनाये वजीर ,
वो आजादी जागीर समझ कर फ़ेंक रहे वीरों की तस्वीर,
अखबारों में छप के रह जाती कथा वीरो की वलिदान की,
देखो क्या है हालत विधाता मेरे हिन्दूस्तान की|| 

3) Desh Bhakti Poem in Hindi Language

हम बच्चे हँसते गाते हैं।
हम आगे बढ़ते जाते हैं।
पथ पर बिखरे कंकड़ काँटे,
हम चुन चुन दूर हटाते हैं।
आयें कितनी भी बाधाएँ,
हम कभी नही घबराते हैं।
धन दौलत से ऊपर उठ कर,
सपनों के महल बनाते हैं।
हम खुशी बाँटते दुनिया को,
हम हँसते और हँसाते हैं।
सारे जग में सबसे अच्छे,
हम भारतीय कहलाते हैं।

15 August 2017 Picture
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Happy Independence Day 2017 Picture
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Best Image of independence Day 2017
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15 August 2017 Picture
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